डिजिटल पेमेंट्स के बढ़ते चलन ने भारत में नकदी के उपयोग को काफी कम कर दिया है। UPI (यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस) ने लेनदेन को तेज, सरल और सुरक्षित बनाकर लोगों का भरोसा जीता है। मोबाइल के जरिए भुगतान की सुविधा ने इसे हर वर्ग के लिए सुलभ बना दिया है।
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UPI के लेनदेन में तेजी
- मार्च 2025 में वृद्धि: NPCI के अनुसार, UPI ट्रांजेक्शन में मार्च 2025 में मासिक आधार पर 13.59% की वृद्धि हुई। फरवरी 2025 के 16.11 अरब लेनदेन से यह बढ़कर 18.3 अरब हो गया।
- कुल मूल्य: मार्च में UPI लेनदेन का कुल मूल्य ₹24.77 लाख करोड़ रहा, जो फरवरी के ₹21.96 लाख करोड़ से 12.79% अधिक है।
- दैनिक औसत: मार्च में दैनिक औसत लेनदेन ₹79,910 करोड़ रहा, जो फरवरी से 1.9% अधिक है।
भरोसेमंद विकल्प
UPI की सफलता इस बात का प्रमाण है कि डिजिटल भुगतान पर लोगों का भरोसा बढ़ा है। सालाना आधार पर मार्च 2025 में UPI ट्रांजेक्शन की संख्या में 36% और मूल्य में 25% की वृद्धि दर्ज की गई।
नए नियम
1 अप्रैल 2025 से UPI को लेकर नए नियम लागू हुए हैं:
- यदि किसी उपयोगकर्ता का बैंक में रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर निष्क्रिय है, तो उसकी UPI ID को अनलिंक कर दिया जाएगा।
- इससे निष्क्रिय खातों को हटाने और सिस्टम को सुरक्षित बनाने में मदद मिलेगी।
मार्केट लीडर
भारत के UPI मार्केट में PhonePe का दबदबा है, जिसने अगस्त 2024 तक आधे से ज्यादा बाजार पर कब्जा कर लिया था। इसका मुकाबला Google Pay और Paytm जैसे प्लेटफॉर्म से है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
- UPI क्या है और यह कैसे काम करता है?
UPI एक इंस्टेंट पेमेंट सिस्टम है जो मोबाइल ऐप्स के जरिए बैंक खातों के बीच पैसे ट्रांसफर करने की सुविधा देता है। - UPI ट्रांजेक्शन सुरक्षित हैं?
हाँ, NPCI द्वारा विकसित यह प्रणाली अत्यधिक सुरक्षित मानी जाती है और इसमें मल्टी-लेयर ऑथेंटिकेशन होता है। - क्या UPI का उपयोग अंतरराष्ट्रीय लेनदेन के लिए किया जा सकता है?
फिलहाल, UPI मुख्य रूप से भारत में उपयोग होता है, लेकिन इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विस्तार देने की योजना चल रही है।