सरकार ने डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा देने के लिए यूपीआई लेनदेन के लिए 1500 करोड़ रुपये के इंसेंटिव प्लान को मंजूरी दी है। यह योजना 1 अप्रैल, 2024 से 31 मार्च, 2025 तक लागू होगी और इसका उद्देश्य छोटे व्यापारियों के बीच पर्सन टू मर्चेंट (P2M) लेनदेन को प्रोत्साहित करना है। इस योजना के तहत, 2000 रुपये तक के यूपीआई ट्रांजेक्शन पर 0.15 प्रतिशत का प्रोत्साहन दिया जाएगा।
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किसको होगा फायदा?
- छोटे व्यापारी: इस योजना का मुख्य लाभ छोटे व्यापारियों को होगा, जिन्हें 2000 रुपये तक के यूपीआई लेनदेन पर इंसेंटिव मिलेगा। इसका मकसद डिजिटल पेमेंट को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाना है।
- डिजिटल लेनदेन की लागत में कमी: सभी लेनदेन पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) को जीरो कर दिया गया है, जिससे डिजिटल लेनदेन बिल्कुल मुफ्त हो जाएगा।
बैंकों को भी लाभ
बैंकों को प्रोत्साहन राशि का 80 प्रतिशत हिस्सा हर तिमाही में बिना किसी शर्त के मिलेगा। बाकी 20 प्रतिशत हिस्सा तभी मिलेगा जब बैंक अपने सिस्टम की तकनीकी खामियों को 0.75 प्रतिशत से कम रखें और सिस्टम अपटाइम 99.5 प्रतिशत से ऊपर बनाए रखें।
सरकार का उद्देश्य
सरकार का उद्देश्य है कि दुकानदार और ग्राहक दोनों डिजिटल भुगतान का अधिक से अधिक इस्तेमाल करें। इससे दुकानदारों को यह फायदा होगा कि पैसा सीधे उनके बैंक अकाउंट में आता है और कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लगता। ग्राहक भी बिना किसी अतिरिक्त चार्ज के आसानी से भुगतान कर सकते हैं।
सरकार ने टारगेट रखा है कि साल 2024-25 में 20,000 करोड़ रुपये के यूपीआई लेनदेन हों। इसके लिए ऐसे लोगों को प्रोत्साहित किया जा रहा है जो पेमेंट सिस्टम को सही रखते हैं और यूपीआई को छोटे शहरों और गांवों तक पहुंचाते हैं।
FAQs
- इस योजना का लाभ किसे मिलेगा?
छोटे व्यापारी जो 2000 रुपये तक के यूपीआई ट्रांजेक्शन करते हैं, उन्हें इस योजना का लाभ मिलेगा। - क्या यूपीआई ट्रांजेक्शन पर कोई शुल्क लगेगा?
नहीं, सभी यूपीआई ट्रांजेक्शन पर MDR जीरो कर दिया गया है, जिससे यह पूरी तरह मुफ्त होगा। - बैंकों को इस योजना से क्या लाभ होगा?
बैंकों को प्रोत्साहन राशि का 80 प्रतिशत हिस्सा बिना किसी शर्त के मिलेगा, जिससे उनकी आय में वृद्धि होगी।