सुकन्या समृद्धि योजना (SSY) भारत सरकार द्वारा शुरू की गई एक विशेष बचत योजना है, जिसका उद्देश्य लड़कियों के भविष्य को सुरक्षित बनाना है। यह योजना माता-पिता या कानूनी अभिभावकों को 10 साल से कम उम्र की लड़कियों के लिए खाता खोलने की अनुमति देती है, जिससे वे उनकी शिक्षा और शादी के लिए वित्तीय सुरक्षा सुनिश्चित कर सकें।
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योजना की विशेषताएँ:
- ब्याज दर: वर्तमान में इस योजना पर 8.2% वार्षिक ब्याज मिलता है, जो चक्रवृद्धि आधार पर बढ़ता है।
- निवेश सीमा: इसमें न्यूनतम 250 रुपये और अधिकतम 1.5 लाख रुपये प्रति वर्ष का निवेश किया जा सकता है।
- लॉक-इन अवधि: खाता खोलने के बाद इसे 15 वर्षों तक बनाए रखना आवश्यक है। खाता तब तक सक्रिय रहता है जब तक लड़की 21 वर्ष की नहीं हो जाती।
- कर लाभ: इस योजना के तहत किए गए निवेश पर आयकर अधिनियम 1961 की धारा 80C के तहत टैक्स बेनिफिट मिलता है, जिससे निवेशक प्रति वर्ष 1.5 लाख रुपये तक कर में छूट प्राप्त कर सकते हैं।
योजना के लाभ:
- गारंटीड रिटर्न: यह एक सरकारी योजना है, इसलिए इसमें बाजार जोखिम नहीं होता और गारंटीड रिटर्न मिलता है।
- आंशिक निकासी: शिक्षा के उद्देश्य से, लड़की की उम्र 18 वर्ष होने या 10वीं कक्षा उत्तीर्ण करने के बाद, खाते में उपलब्ध राशि का अधिकतम 50% तक निकासी की अनुमति होती है।
- लचीलापन: माता-पिता अपनी आर्थिक स्थिति के अनुसार इसमें निवेश कर सकते हैं, जिससे यह सभी वर्गों के लिए सुलभ होती है।
कैसे खोलें खाता:
सुकन्या समृद्धि खाता किसी भी बैंक या डाकघर में खोला जा सकता है। इसके लिए आवश्यक दस्तावेजों में लड़की का जन्म प्रमाण पत्र और अभिभावक का पहचान पत्र शामिल होते हैं।
FAQs:
- क्या सुकन्या समृद्धि योजना में निवेश करने से टैक्स लाभ मिलता है?
हां, इस योजना में किए गए निवेश पर आयकर अधिनियम 1961 की धारा 80C के तहत टैक्स बेनिफिट मिलता है। - इस योजना का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इसका मुख्य उद्देश्य लड़कियों की शिक्षा और शादी के लिए वित्तीय सुरक्षा प्रदान करना है। - क्या इस योजना में आंशिक निकासी की अनुमति है?
हां, शिक्षा के उद्देश्य से लड़की की उम्र 18 वर्ष होने पर या 10वीं कक्षा उत्तीर्ण करने पर आंशिक निकासी की अनुमति होती है।