सोशल मीडिया पर बिना सोचे-समझे पोस्ट शेयर करना आपको गंभीर कानूनी समस्याओं में डाल सकता है। हाल ही में छत्रपति संभाजीनगर में औरंगजेब की कब्र विवाद के बाद पुलिस ने सोशल मीडिया पर निगरानी बढ़ा दी है। अगर आप औरंगजेब से जुड़ा कोई आपत्तिजनक पोस्ट करते हैं, तो यह आपको जेल तक पहुंचा सकता है। अब तक इस मामले में 8 आपराधिक मामले दर्ज किए जा चुके हैं और 506 आपत्तिजनक पोस्ट हटाए गए हैं।
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पुलिस की निगरानी
पुलिस व्हाट्सएप, फेसबुक, इंस्टाग्राम, एक्स, यूट्यूब जैसे सभी बड़े सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर साइबर गश्त कर रही है। भड़काऊ या अफवाह फैलाने वाले पोस्ट पर तुरंत कार्रवाई की जा रही है। यदि किसी ग्रुप में गलत पोस्ट की जाती है और ग्रुप एडमिन उस पर ध्यान नहीं देता, तो उसे भी कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।
संभावित कानूनी परिणाम
अगर आप धार्मिक या जातिगत भड़काऊ सामग्री शेयर करते हैं, तो यह आपको गंभीर समस्याओं में डाल सकता है। फेक न्यूज या अफवाह फैलाने वाली सामग्री पोस्ट करने के कारण भी आपको कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।
आईटी एक्ट और आईपीसी के तहत कार्रवाई
सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक कंटेंट पोस्ट करने पर आईटी एक्ट 2000 और आईपीसी की धाराओं के तहत केस दर्ज हो सकता है। इसमें जेल और जुर्माने का प्रावधान है। आईटी एक्ट की धारा 67 के तहत पहली बार दोषी पाए जाने पर तीन साल की जेल और 5 लाख रुपये का जुर्माना हो सकता है।
ग्रुप एडमिन की जिम्मेदारी
ग्रुप एडमिन को यह सुनिश्चित करना होगा कि उनके ग्रुप में कोई भड़काऊ या गलत जानकारी न फैले। यदि ऐसा होता है, तो ग्रुप एडमिन को भी दोषी माना जा सकता है।
सावधानी बरतें
सोशल मीडिया पर कुछ भी शेयर करने से पहले उसकी सच्चाई जान लें। गलत जानकारी फैलाने से बचें और किसी भी भड़काऊ सामग्री को साझा न करें।
FAQ
- क्या सोशल मीडिया पर कोई भी पोस्ट करना अपराध हो सकता है?
हाँ, यदि वह पोस्ट भड़काऊ या आपत्तिजनक है, तो इसके लिए कानूनी कार्रवाई हो सकती है। - ग्रुप एडमिन को क्या जिम्मेदारी होती है?
ग्रुप एडमिन को ग्रुप में फैली गलत जानकारी को रोकने के लिए सख्त कदम उठाने होते हैं। - आईटी एक्ट के तहत सजा क्या हो सकती है?
आईटी एक्ट की धारा 67 के तहत पहली बार दोषी पाए जाने पर तीन साल की जेल और 5 लाख रुपये का जुर्माना हो सकता है।