दक्षिण कोरिया की प्रमुख कंपनी सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स भारत में एक बड़ी कानूनी चुनौती का सामना कर रही है। केंद्र सरकार ने सैमसंग को 601 मिलियन डॉलर (लगभग 150 करोड़ रुपये) का टैक्स डिमांड नोटिस जारी किया है। सरकार का आरोप है कि सैमसंग ने टेलीकॉम उपकरणों के आयात पर टैरिफ से बचने के लिए गलत तरीके अपनाए हैं।
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सैमसंग की स्थिति
सैमसंग हाल के समय में कई चुनौतियों का सामना कर रही है, जिसमें AI बूम का लाभ न उठा पाना और मोबाइल मार्केट में गिरावट शामिल है। यह टैक्स डिमांड नोटिस कंपनी की मुश्किलों को और बढ़ा सकता है। रिपोर्ट्स के अनुसार, यह डिमांड सैमसंग के पिछले साल के 8,183 करोड़ रुपये के नेट प्रॉफिट का एक बड़ा हिस्सा है।
अन्य कंपनियों के साथ विवाद
सैमसंग अकेली विदेशी कंपनी नहीं है जिसका भारत सरकार के साथ टैक्स विवाद हुआ है। अन्य कंपनियों में फॉक्सवैगन, किआ, वोडाफोन और केयर्न एनर्जी शामिल हैं, जिन्होंने भी इसी तरह के टैक्स डिमांड नोटिस का सामना किया है।
- फॉक्सवैगन: कंपनी पर आरोप लगा कि उसने हायर टैक्स से बचने के लिए अलग-अलग शिपमेंट में पार्ट्स आयात किए, जिसके लिए उसे 1.4 अरब डॉलर का टैक्स नोटिस मिला।
- किआ: इस कंपनी को 155 मिलियन डॉलर का नोटिस मिला, जिसमें आयातित कंपोनेंट्स की गलत घोषणा का आरोप था।
- वोडाफोन: कंपनी को 2 अरब डॉलर से अधिक का टैक्स डिमांड नोटिस मिला था, जो एक बड़े सौदे से संबंधित था।
- केयर्न एनर्जी: इस कंपनी को 1.4 अरब डॉलर का टैक्स डिमांड नोटिस मिला था, जो शेयरों के हस्तांतरण से संबंधित था।
कानूनी कार्रवाई
सैमसंग ने इस नोटिस के खिलाफ कानूनी सलाह लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी है और कंपनी ने कहा है कि यह एक कर विवाद है जिसमें कानून की व्याख्या शामिल है।
FAQs
- सैमसंग पर किस प्रकार का टैक्स डिमांड नोटिस जारी किया गया है?
सैमसंग पर 601 मिलियन डॉलर का टैक्स डिमांड नोटिस जारी किया गया है, जिसमें टेलीकॉम उपकरणों के आयात पर टैरिफ से बचने का आरोप है। - क्या सैमसंग अकेली कंपनी है जिसे भारत में टैक्स विवाद का सामना करना पड़ रहा है?
नहीं, कई अन्य कंपनियों जैसे फॉक्सवैगन, किआ और वोडाफोन भी इसी तरह के टैक्स विवादों में शामिल हैं। - सैमसंग ने इस मामले में आगे क्या कदम उठाने की योजना बनाई है?
सैमसंग ने कानूनी सलाह लेने की प्रक्रिया शुरू की है और वे इस मामले को अदालत में चुनौती देने की योजना बना रहे हैं।