पोस्ट ऑफिस की मंथली इनकम स्कीम (MIS) एक सुरक्षित और गारंटीड रिटर्न देने वाली योजना है, जो निवेशकों को हर महीने निश्चित ब्याज प्रदान करती है। यह योजना खासतौर पर उन लोगों के लिए आदर्श है, जो स्थिर और जोखिम-मुक्त आय चाहते हैं।
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पोस्ट ऑफिस MIS स्कीम की मुख्य विशेषताएं
- ब्याज दर:
- वर्तमान में इस स्कीम पर 7.4% वार्षिक ब्याज मिल रहा है, जिसका भुगतान हर महीने किया जाता है[1][2].
- निवेश सीमा:
- न्यूनतम निवेश: ₹1,000।
- अधिकतम निवेश (सिंगल अकाउंट): ₹9 लाख।
- अधिकतम निवेश (जॉइंट अकाउंट): ₹15 लाख (अधिकतम 3 लोग जॉइंट अकाउंट में शामिल हो सकते हैं)[2][3].
- कार्यकाल:
- स्कीम की अवधि 5 साल है। मैच्योरिटी के बाद राशि को फिर से निवेश किया जा सकता है[1].
- लाभ:
- गारंटीड मासिक आय।
- मूलधन की सुरक्षा सरकारी गारंटी के तहत।
- टैक्स डिडक्शन एट सोर्स (TDS) नहीं लगता, लेकिन ब्याज आय कर योग्य है[1][3].
- खाता खोलने की प्रक्रिया:
- खाता खोलने के लिए आधार कार्ड, पैन कार्ड और पोस्ट ऑफिस सेविंग अकाउंट अनिवार्य हैं।
- खाता किसी भी पोस्ट ऑफिस में खोला जा सकता है[2].
उदाहरण: मासिक आय की गणना
यदि आप इस योजना में ₹9 लाख का निवेश करते हैं:
- वार्षिक ब्याज: ₹9,00,000 × 7.4% = ₹66,600।
- मासिक ब्याज: ₹66,600 ÷ 12 = ₹5,550।
- 5 साल में कुल ब्याज: ₹5,550 × 60 = ₹3,33,000।
मैच्योरिटी पर आपको ₹9 लाख का मूलधन वापस मिलेगा।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
- क्या पोस्ट ऑफिस MIS स्कीम में प्रीमैच्योर विदड्रॉल संभव है?
हाँ, लेकिन इसके लिए पेनल्टी लगती है। एक साल बाद खाता बंद किया जा सकता है। - क्या यह योजना NRI के लिए उपलब्ध है?
नहीं, यह योजना केवल भारतीय निवासियों के लिए उपलब्ध है। - क्या ब्याज राशि सीधे बचत खाते में ट्रांसफर हो सकती है?
हाँ, ब्याज राशि ECS के माध्यम से सीधे बचत खाते में ट्रांसफर की जा सकती है।
पोस्ट ऑफिस MIS स्कीम उन लोगों के लिए एक बेहतरीन विकल्प है जो बिना किसी जोखिम के नियमित मासिक आय चाहते हैं।