RBI डिप्टी गवर्नर की सैलरी PM मोदी से अधिक! जानें पूरा मामला

पूनम गुप्ता: भारतीय रिजर्व बैंक की नई डिप्टी गवर्नर

पूनम गुप्ता को भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) का नया डिप्टी गवर्नर नियुक्त किया गया है। यह नियुक्ति 3 साल के लिए है और माइकल डी. पात्रा के पद छोड़ने के बाद खाली हुए स्थान को भरती है[1][2][3]. पूनम गुप्ता वर्तमान में नेशनल काउंसिल ऑफ एप्लाइड इकोनॉमिक रिसर्च (NCAER) की महानिदेशक हैं और प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद की सदस्य भी हैं[1][2].

पूनम गुप्ता का प्रोफेशनल बैकग्राउंड

  1. शैक्षिक योग्यता:
  • अर्थशास्त्र में पीएच.डी. – मैरीलैंड विश्वविद्यालय, कॉलेज पार्क (1998).
  • अर्थशास्त्र में एम.ए. – मैरीलैंड विश्वविद्यालय (1995) और दिल्ली स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स (1991).
  • अर्थशास्त्र में बी.ए. – हिंदू कॉलेज, दिल्ली विश्वविद्यालय (1989)[2].
  1. प्रोफेशनल अनुभव:
  • NCAER की महानिदेशक और प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद की सदस्य[1][2].
  • विश्व बैंक और IMF में प्रमुख अर्थशास्त्री के रूप में काम किया है[2].
  • नीति आयोग की विकास सलाहकार समिति का हिस्सा रही हैं और जी-20 अध्यक्षता के दौरान मैक्रोइकॉनॉमिक्स और व्यापार पर टास्क फोर्स की अध्यक्षता की है[2].

आरबीआई में भूमिका

पूनम गुप्ता की नियुक्ति भारतीय रिजर्व बैंक के लिए महत्वपूर्ण है, जो अर्थव्यवस्था और मौद्रिक नीति के संचालन में महत्वपूर्ण योगदान करेगी। आरबीआई में डिप्टी गवर्नर की भूमिका में उनका अनुभव और विशेषज्ञता मौद्रिक नीति विभाग को मजबूती प्रदान करेगी[4].


FAQs

1. पूनम गुप्ता को RBI के डिप्टी गवर्नर के रूप में कैसे नियुक्त किया गया?
पूनम गुप्ता की नियुक्ति कैबिनेट की नियुक्ति समिति द्वारा मंजूर की गई है और यह नियुक्ति 3 साल के लिए है[1][2].

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2. पूनम गुप्ता का प्रोफेशनल बैकग्राउंड क्या है?
पूनम गुप्ता ने अर्थशास्त्र में पीएच.डी. की है और विश्व बैंक, IMF में काम किया है। वह NCAER की महानिदेशक और प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद की सदस्य भी हैं[2][3].

3. पूनम गुप्ता की नियुक्ति का महत्व क्या है?
पूनम गुप्ता की नियुक्ति भारतीय रिजर्व बैंक के लिए महत्वपूर्ण है, जो अर्थव्यवस्था और मौद्रिक नीति के संचालन में महत्वपूर्ण योगदान करेगी[4].

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