कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय ने 2015 से चल रही प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (PMKVY) के तहत 1.60 करोड़ से अधिक युवाओं को ट्रेनिंग प्रदान की है। राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) जयंत चौधरी के अनुसार, इस योजना का उद्देश्य देशभर के युवाओं को कौशल प्रशिक्षण देना है, जिससे उन्हें रोजगार के बेहतर अवसर मिल सकें।
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PMKVY 4.0 की प्रमुख विशेषताएँ
- प्रशिक्षण के प्रकार: योजना में शॉर्ट-टर्म ट्रेनिंग (STT) और Recognition of Prior Learning (RPL) शामिल हैं। STT के तहत 200 से 600 घंटे तक का प्रशिक्षण दिया जाता है, जबकि RPL में 30 से 132 घंटे का प्रशिक्षण होता है।
- प्लेसमेंट ट्रैकिंग: PMKVY के पहले तीन चरणों में प्रशिक्षित उम्मीदवारों की औसत प्लेसमेंट दर 43% रही है।
- स्किल इंडिया डिजिटल हब: सरकार ने ‘स्किल इंडिया डिजिटल हब’ लॉन्च किया है, जो कौशल, शिक्षा, रोजगार और उद्यमिता को एक साथ जोड़ता है।
ऑन-जॉब-ट्रेनिंग (OJT)
जयंत चौधरी ने कहा कि ऑन-जॉब-ट्रेनिंग पर जोर दिया जा रहा है, जिससे उम्मीदवारों को व्यावहारिक अनुभव प्राप्त हो सके। इसके अलावा, पूर्व में सीखे गए कौशल को मान्यता देने पर भी ध्यान केंद्रित किया जा रहा है।
वित्तीय निवेश
सरकार ने पिछले तीन वित्तीय वर्षों में PMKVY 4.0 के तहत राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में कुल ₹1244.52 करोड़ खर्च किए हैं।
सरकार का उद्देश्य
सरकार का लक्ष्य युवाओं को आत्मनिर्भर बनाना और उन्हें बेहतर रोजगार एवं उद्यमिता के अवसर प्रदान करना है। PMKVY 4.0 के माध्यम से भारत में कौशल विकास की गुणवत्ता को सुधारने और उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुसार कुशल कार्यबल तैयार करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
- PMKVY योजना का मुख्य उद्देश्य क्या है?
- PMKVY योजना का मुख्य उद्देश्य युवाओं को कौशल प्रशिक्षण देकर उन्हें रोजगार के बेहतर अवसर प्रदान करना है।
- कितने युवाओं को PMKVY के तहत प्रशिक्षित किया गया है?
- PMKVY के तहत अब तक 1.60 करोड़ से अधिक युवाओं को प्रशिक्षित किया गया है।
- PMKVY 4.0 में कौन-कौन से प्रशिक्षण प्रकार शामिल हैं?
- PMKVY 4.0 में शॉर्ट-टर्म ट्रेनिंग (STT) और Recognition of Prior Learning (RPL) शामिल हैं।