MRPS फार्मूला: डायबिटीज को कंट्रोल करने का आसान तरीका

शुगर की बीमारी, जिसे डायबिटीज कहा जाता है, दुनियाभर में तेजी से बढ़ रही है और यह सभी आयु वर्ग के लोगों को प्रभावित कर रही है। शुगर के बढ़ने से शरीर के अन्य अंगों को भी नुकसान पहुंच सकता है। हालांकि, इंसुलिन रेजिस्टेंट दवाओं का सेवन करने की सलाह दी जाती है, लेकिन इन दवाओं के साइड-इफेक्ट्स भी हो सकते हैं। डॉक्टर भाग्येश कुलकर्नी के अनुसार, बीमारियों से बचाव के लिए कुछ छोटे बदलाव करने की आवश्यकता होती है, जिससे डायबिटीज का प्रबंधन और रोकथाम आसान हो सके।

MRPS फार्मूला क्या है?

डॉक्टर भाग्येश कुलकर्नी बताते हैं कि डायबिटीज कंट्रोल करने के लिए MRPS फार्मूला अपनाया जा सकता है। इस फार्मूले में हर लेटर का एक विशेष अर्थ है:

  • M (Milk and Meat): पैकेट वाला दूध और भारी नॉनवेज मीट खाने से परहेज करें। ये दोनों ही प्रोसेस्ड होते हैं और शुगर के मरीजों के लिए हानिकारक हो सकते हैं।
  • R (Refined Foods): रिफाइंड आटे, रिफाइंड चीनी, और रिफाइंड तेल जैसे सभी रिफाइंड फूड्स से दूरी बनाएं। इनकी प्रोसेसिंग से पोषण खत्म हो जाता है।
  • P (Packaged Foods): पैक्ड और प्रोसेस्ड फूड्स जैसे बिस्कुट, चिप्स, बर्गर और पिज्जा से बचें। इनमें अनसैचुरेटेड फैट्स और उच्च ग्लाइसेमिक इंडेक्स होता है।
  • S (Sugar and Salt): सफेद शुगर और नमक से परहेज करें। मीठे खाद्य पदार्थों से पूरी तरह बचें और नमक के लिए हिमालयन पिंक सॉल्ट या सेंधा नमक का उपयोग करें।

MRPS फार्मूला कब प्रभावी होगा?

MRPS फार्मूला तभी काम करेगा जब आप इसे नियमित रूप से अपनाएंगे और अपनी जीवनशैली में सुधार लाएंगे। इसका प्रभाव तुरंत नहीं दिखेगा, लेकिन यदि आप इसे लंबे समय तक अपनाते हैं, तो ब्लड शुगर का स्तर नियंत्रित हो सकता है।

See also  PM इंटर्नशिप 2025: आवेदन की नई लास्ट डेट जानें यहाँ!

FAQs

1. MRPS फार्मूला क्या है?
MRPS फार्मूला एक ऐसा तरीका है जिसमें M (Milk and Meat), R (Refined Foods), P (Packaged Foods), और S (Sugar and Salt) का ध्यान रखा जाता है ताकि डायबिटीज को नियंत्रित किया जा सके।

2. क्या MRPS फार्मूला दवा के बिना काम कर सकता है?
हाँ, MRPS फार्मूला का पालन करने से लोग बिना दवा के अपने शुगर स्तर को नियंत्रित कर सकते हैं।

3. MRPS फार्मूला को अपनाने में कितना समय लगेगा?
इसका प्रभाव तुरंत नहीं दिखेगा, लेकिन यदि आप इसे नियमित रूप से अपनाते हैं, तो लंबे समय में ब्लड शुगर का स्तर नियंत्रित हो सकता है।

Leave a Comment