आज के समय में, टीवी की पहचान ओटीटी प्लेटफॉर्म्स द्वारा बदल गई है। हालांकि, एक चीज जो दोनों में समान है, वह है विज्ञापनों की उपस्थिति। पहले टीवी पर अच्छे और रोचक विज्ञापन आते थे, लेकिन आजकल कई बार अश्लीलता से भरे विज्ञापन देखने को मिलते हैं, जिन्हें परिवार के साथ देखना मुश्किल हो जाता है।
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पहला टीवी विज्ञापन
भारत का पहला टेलीविजन विज्ञापन 1 जनवरी 1976 को प्रसारित हुआ था, जो ग्वालियर सूटिंग एंड फैब्रिक्स का था। इस विज्ञापन ने भारत में विज्ञापनों की दुनिया को बदल दिया। इसके बाद, जब 1982 में रंगीन टीवी का आगाज हुआ, तो पहला रंगीन विज्ञापन बॉम्बे डाइंग का था।
विज्ञापनों का उद्देश्य
विज्ञापनों का मुख्य उद्देश्य उत्पादों के बारे में लोगों को जागरूक करना है। विभिन्न तरीकों से विज्ञापनों को प्रसारित किया जाता है ताकि लोग सामान के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकें। इसके अलावा, जिस प्लेटफॉर्म पर विज्ञापन आते हैं, उसे भी इससे आर्थिक लाभ होता है।
रंगीन टेलीविजन की शुरुआत
रंगीन टेलीविजन की शुरुआत 1982 में हुई थी, जब दूरदर्शन पर एशियाई खेलों का प्रसारण किया गया था। इसने भारतीय टेलीविजन में क्रांतिकारी बदलाव लाए और कई लोकप्रिय शो जैसे ‘बुनियाद’, ‘नुक्कड़’, ‘रामायण’ और ‘महाभारत’ ने दूरदर्शन की लोकप्रियता को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया।
FAQs
- भारत का पहला टीवी विज्ञापन कौन सा था?
भारत का पहला टीवी विज्ञापन ग्वालियर सूटिंग एंड फैब्रिक्स का था, जो 1 जनवरी 1976 को प्रसारित हुआ। - रंगीन टेलीविजन की शुरुआत कब हुई?
रंगीन टेलीविजन की शुरुआत 1982 में हुई थी, जब एशियाई खेलों का प्रसारण किया गया। - विज्ञापनों का मुख्य उद्देश्य क्या है?
विज्ञापनों का मुख्य उद्देश्य उत्पादों के बारे में लोगों को जागरूक करना और उन्हें खरीदने के लिए प्रेरित करना है।