दिल्ली सरकार ने DTC Free Rides Only for Delhi Women योजना में बड़ा बदलाव किया है। अब केवल दिल्ली की निवासी महिलाएं ही डीटीसी और क्लस्टर बसों में मुफ्त सफर कर सकेंगी। इसके लिए Pink Tickets की जगह Pink Cards जारी किए जाएंगे, जो महिलाओं के निवास प्रमाण पत्र के सत्यापन के बाद ही उपलब्ध होंगे।
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नई व्यवस्था की मुख्य बातें:
- पिंक कार्ड अनिवार्य: मुफ्त यात्रा के लिए अब महिलाओं को पिंक कार्ड बनवाना होगा। यह कार्ड केवल दिल्ली की स्थायी निवासी महिलाओं को ही मिलेगा।
- बाहरी राज्यों की महिलाओं को लाभ नहीं: उत्तर प्रदेश, हरियाणा, और अन्य राज्यों से आने वाली महिलाएं अब इस योजना का लाभ नहीं उठा सकेंगी।
- पारदर्शिता सुनिश्चित: मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि यह कदम भ्रष्टाचार रोकने और योजना का लाभ केवल पात्र महिलाओं तक सीमित करने के लिए उठाया गया है।
- आम आदमी पार्टी पर आरोप: पूर्व सरकार पर पिंक टिकट घोटाले का आरोप लगाते हुए कहा गया कि एक टिकट का इस्तेमाल कर कई यात्रियों के नाम से बिल बनाए गए, जिससे डीटीसी को ₹14,000 करोड़ का नुकसान हुआ।
- सत्यापन प्रक्रिया: पिंक कार्ड के लिए महिलाओं को आधार कार्ड, वोटर आईडी, राशन कार्ड जैसे दस्तावेज जमा करने होंगे ताकि उनका निवास प्रमाणित किया जा सके।
योजना का उद्देश्य:
इस बदलाव का उद्देश्य दिल्ली की महिलाओं को सुरक्षित और पारदर्शी परिवहन सुविधा प्रदान करना है। साथ ही, बाहरी तत्वों जैसे बांग्लादेशी और रोहिंग्या नागरिकों को इस सुविधा से दूर रखना सुनिश्चित किया जाएगा।
FAQs:
- पिंक कार्ड कैसे बनवाया जा सकता है?
- पिंक कार्ड बनवाने के लिए आधार कार्ड, वोटर आईडी या राशन कार्ड जैसे दस्तावेज जमा कर सत्यापन प्रक्रिया पूरी करनी होगी।
- क्या बाहरी राज्यों की महिलाएं इस योजना का लाभ उठा सकती हैं?
- नहीं, यह योजना केवल दिल्ली की स्थायी निवासी महिलाओं के लिए है।
- पिंक टिकट क्यों हटाई गई?
- पिंक टिकट के माध्यम से भ्रष्टाचार होने की शिकायतें थीं। इसे हटाकर डिजिटल पिंक कार्ड लाने का उद्देश्य पारदर्शिता सुनिश्चित करना है।