गुजरात में, जहां शराबबंदी लागू है, वहां सरकार ने हाल ही में स्वीकार किया है कि पिछले एक साल में गिफ्ट सिटी में कुल 24,000 लीटर बीयर और विदेशी शराब का सेवन किया गया है। यह जानकारी विधानसभा सत्र के दौरान दी गई। 30 दिसंबर 2023 को गांधीनगर स्थित गिफ्ट सिटी में शराब पीने की अनुमति दी गई थी, जिससे यहां काम करने वाले कर्मचारियों और विजिटर्स को ‘वाइन एंड डाइन’ सुविधा के तहत शराब सेवन की मंजूरी मिली।
Table of Contents
गिफ्ट सिटी में शराब का सेवन
विपक्षी नेता अमित चावड़ा ने इस मुद्दे पर सवाल उठाते हुए बताया कि गिफ्ट सिटी में पिछले साल कितनी मात्रा में विदेशी शराब और बीयर बेची गई। सरकार ने बताया कि वेस्टर्न इंडिया रिक्रिएशन प्रोजेक्ट प्राइवेट लिमिटेड और द ग्रैंड मर्क्यूरी को गिफ्ट सिटी में शराब बेचने का लाइसेंस दिया गया है। इस बिक्री से सरकार को 94.19 लाख रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ है, जिसमें कुल 470 लीटर वाइन, 19,915 लीटर बीयर और 3,324 लीटर विदेशी शराब शामिल है।
विशेष अनुमति
गिफ्ट सिटी में केवल विदेशी नागरिकों, एनआरआई और यहां काम करने वाले लोगों को विशेष अनुमति के तहत शराब पीने की इजाजत है। आम गुजरातियों के लिए शराबबंदी अब भी बरकरार है। इस फैसले के बाद विपक्ष ने हंगामा किया, आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार उद्योगों और पर्यटन को बढ़ावा देने के बहाने शराबबंदी खत्म करने की कोशिश कर रही है।
FAQs
- गिफ्ट सिटी में शराब पीने की अनुमति कब दी गई?
गिफ्ट सिटी में शराब पीने की अनुमति 30 दिसंबर 2023 को दी गई थी। - कौन लोग गिफ्ट सिटी में शराब पी सकते हैं?
केवल विदेशी नागरिकों, एनआरआई और गिफ्ट सिटी में काम करने वाले लोगों को विशेष अनुमति के तहत शराब पीने की इजाजत है। - सरकार को गिफ्ट सिटी से कितना राजस्व प्राप्त हुआ?
गिफ्ट सिटी में शराब बिक्री से सरकार को 94.19 लाख रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ है।