दिल्ली सरकार ने राजधानी में बढ़ते प्रदूषण से निपटने के लिए आर्टिफिशियल बारिश के परीक्षण करने की योजना बनाई है। यह कदम दिल्ली के पर्यावरण को सुधारने और स्मॉग की समस्या को हल करने के उद्देश्य से उठाया गया है। पर्यावरण मंत्री मंजींदर सिंह सिरसा ने कहा कि सरकार इस प्रयोग को लेकर गंभीर है, लेकिन पहले पानी के नमूनों का परीक्षण किया जाएगा। यदि यह जांच सफल रहती है, तो इसे बड़े पैमाने पर लागू किया जाएगा।
Table of Contents
आर्टिफिशियल बारिश के लिए तैयारी
सिरसा ने बताया कि आर्टिफिशियल बारिश में इस्तेमाल होने वाले रसायनों के स्वास्थ्य पर प्रभाव का अध्ययन किया जा रहा है। इसके बाद, दिल्ली के बाहरी इलाकों में छोटे स्तर पर परीक्षण किया जाएगा। यदि यह सफल होता है, तो इसे पूरे दिल्ली में लागू किया जाएगा ताकि प्रदूषण कम किया जा सके और लोगों को स्वच्छ हवा मिल सके।
प्रदूषण नियंत्रण के अन्य उपाय
दिल्ली सरकार ने पुराने वाहनों से प्रदूषण कम करने के लिए 31 मार्च से 15 साल पुराने वाहनों पर पेट्रोल भरने पर प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया है। इसके अलावा, सभी ऊंची इमारतों, होटलों, वाणिज्यिक परिसरों और निर्माण स्थलों पर एंटी-स्मॉग गन लगाने की योजना बनाई गई है।
स्मॉग टॉवर परियोजना की विफलता
दिल्ली सरकार ने पहले की स्मॉग टॉवर परियोजना को विफल बताया है और अब प्रदूषण के स्रोत पर सीधे कार्रवाई करने के लिए एक नई रणनीति तैयार कर रही है। इस योजना का उद्देश्य प्रदूषण को उसके स्रोत से ही खत्म करना है।
FAQ
- आर्टिफिशियल बारिश का उद्देश्य क्या है?
इसका उद्देश्य दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण को कम करना और स्मॉग की समस्या से निपटना है। - क्या आर्टिफिशियल बारिश स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकती है?
सरकार इस संबंध में अध्ययन कर रही है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि रसायनों का स्वास्थ्य पर कोई हानिकारक प्रभाव न पड़े। - दिल्ली सरकार अन्य कौन से कदम उठा रही है?
दिल्ली सरकार पुराने वाहनों पर प्रतिबंध लगाने और एंटी-स्मॉग गन लगाने जैसे उपाय कर रही है ताकि प्रदूषण को नियंत्रित किया जा सके।