1 अप्रैल 2025 से नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत के साथ कई महत्वपूर्ण बदलाव लागू होने जा रहे हैं, जो आम आदमी को सीधे प्रभावित करेंगे। यहां कुछ प्रमुख परिवर्तनों का विवरण दिया गया है:
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म्यूचुअल फंड्स
- नए फंड ऑफर (NFOs): भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) के नए नियमों के अनुसार, फंड हाउस को NFOs के तहत जुटाए गए फंड को 30 बिजनेस दिनों के भीतर निवेश करना अनिवार्य होगा। यदि वे ऐसा नहीं कर पाते हैं, तो उन्हें निवेश समिति की मंजूरी से 30 दिनों का और विस्तार मिल सकता है।
स्पेशलाइज्ड इन्वेस्टमेंट फंड्स (SIFs)
- SEBI ने नए स्पेशलाइज्ड इन्वेस्टमेंट फंड्स (SIFs) की श्रेणी शुरू की है, जिसमें निवेश के लिए कम से कम ₹10 लाख की आवश्यकता होगी। केवल वही एसेट मैनेजमेंट कंपनियाँ (AMC) इसे लॉन्च कर सकती हैं, जिनका औसत एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) पिछले तीन वर्षों में ₹10,000 करोड़ से अधिक रहा हो।
एकीकृत पेंशन योजना (UPS)
- राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (NPS): सरकार ने 1 अप्रैल 2025 से एकीकृत पेंशन योजना लागू करने की घोषणा की है, जो केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए होगी। इसमें कम से कम 25 वर्ष की सेवा वाले कर्मचारियों को पिछले 12 महीनों के औसत मूल वेतन का 50% पेंशन के रूप में मिलेगा।
यूपीआई ट्रांजेक्शन
- डाटाबेस अपडेट: राष्ट्रीय भुगतान निगम (NPCI) ने निर्देश दिया है कि बैंकों को निष्क्रिय या बंद मोबाइल नंबरों को अपने डाटाबेस से हटाना होगा। इससे यदि आपका मोबाइल नंबर निष्क्रिय हो जाता है, तो UPI सेवाएं बाधित हो सकती हैं।
क्रेडिट कार्ड बदलाव
- रिवॉर्ड पॉइंट्स में कमी: कई बैंकों ने क्रेडिट कार्ड नियमों में बदलाव किया है। उदाहरण के लिए, SBI के SimplyCLICK क्रेडिट कार्ड पर Swiggy पर रिवॉर्ड पॉइंट्स अब 10X से घटकर 5X हो गए हैं।
नया इनकम टैक्स स्ट्रक्चर
- टैक्स छूट: नए टैक्स नियमों के तहत अब सालाना ₹12 लाख तक की आय पर कोई टैक्स नहीं लगेगा। इसके अलावा, वेतनभोगी कर्मचारियों को ₹75,000 का स्टैंडर्ड डिडक्शन मिलेगा, जिससे उनकी टैक्स फ्री आय ₹12.75 लाख तक हो जाएगी।
वरिष्ठ नागरिकों के लिए राहत
- ब्याज पर टैक्स कटौती: वरिष्ठ नागरिकों के लिए ब्याज आय पर टीडीएस की सीमा बढ़ाकर ₹1 लाख कर दी गई है। इसके अलावा, किराये पर TDS की वार्षिक सीमा को बढ़ाकर ₹6 लाख कर दिया गया है।
इन सभी परिवर्तनों का सीधा असर आपकी वित्तीय स्थिति और लेन-देन पर पड़ेगा, इसलिए जरूरी है कि आप इन बदलावों को ध्यान में रखते हुए अपनी वित्तीय योजनाओं को तैयार करें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
1. क्या नए टैक्स नियमों का लाभ सभी आयकरदाताओं को मिलेगा?
हाँ, नए टैक्स नियमों का लाभ उन सभी आयकरदाताओं को मिलेगा जो न्यू टैक्स रिजीम का चयन करते हैं।
2. क्या UPI सेवाएं प्रभावित होंगी?
यदि आपका मोबाइल नंबर निष्क्रिय होता है तो UPI सेवाएं बाधित हो सकती हैं, इसलिए सुनिश्चित करें कि आपका बैंक खाता किसी सक्रिय मोबाइल नंबर से लिंक हो।
3. क्या वरिष्ठ नागरिकों को किसी विशेष राहत मिलेगी?
हाँ, वरिष्ठ नागरिकों के लिए ब्याज आय पर टीडीएस की सीमा बढ़ाकर ₹1 लाख कर दी गई है।