बिहार विधानसभा चुनाव 2025: बीजेपी का ‘स्नेह मिलन’ अभियान और बिहार दिवस का जश्न
बिहार में अक्टूबर-नवंबर 2025 में होने वाले विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए, भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने एक व्यापक रणनीति तैयार की है। इस रणनीति के तहत, पार्टी ‘बिहार दिवस’ और ‘स्नेह मिलन’ कार्यक्रमों के जरिए बिहारी संस्कृति और गौरव को देशभर में प्रदर्शित करने का प्रयास कर रही है।
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बीजेपी का मास्टर प्लान: ‘स्नेह मिलन’ कार्यक्रम
- कार्यक्रम का उद्देश्य: बिहार के प्रवासी समुदाय और स्थानीय जनता के साथ जुड़ाव बढ़ाना।
- समयसीमा: 22 मार्च से 30 मार्च 2025 तक।
- मुख्य बिंदु:
- बिहार की संस्कृति, परंपरा और इतिहास को उजागर करने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रम।
- प्रवासी बिहारी समुदाय के प्रमुख व्यक्तियों को सम्मानित करना।
- एनडीए सरकार की उपलब्धियों और विकास कार्यों पर चर्चा।
- पारंपरिक बिहारी व्यंजन और सामुदायिक भोज (सहभोज) का आयोजन।
बिहार दिवस: कश्मीर से कन्याकुमारी तक जश्न
बीजेपी ने इस बार बिहार दिवस को राष्ट्रीय स्तर पर मनाने की योजना बनाई है। पार्टी के शीर्ष नेता, जैसे जेपी नड्डा और अमित शाह, इन कार्यक्रमों में भाग लेंगे। कार्यक्रमों में बिहारी प्रवासियों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए देशभर में आयोजन किए जाएंगे।
चुनावी रणनीति और विकास पर जोर
- डबल इंजन सरकार का प्रचार: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बिहार में हुए विकास कार्यों को उजागर करना।
- प्रवासी बिहारी समुदाय से संपर्क: प्रवासियों को अपने परिवार और दोस्तों को प्रभावित करने के लिए प्रेरित करना।
- केंद्रीय बजट घोषणाओं का प्रचार: मखाना उद्योग जैसे क्षेत्रों में हुई प्रगति को रेखांकित करना।
जेडीयू सांसद की प्रतिक्रिया
जेडीयू सांसद गिरधारी लाल यादव ने इस पहल की तारीफ करते हुए सुझाव दिया कि प्रवासियों की समस्याओं, जैसे नई ट्रेनों की कमी, पर भी ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि स्नेह मिलन कार्यक्रम के जरिए बिहार के लिए नई ट्रेनों की शुरुआत होनी चाहिए।
बीजेपी की चुनावी तैयारी
- एनडीए ने आगामी चुनावों में 200+ सीटें जीतने का लक्ष्य रखा है।
- पार्टी प्रवासी बिहारी समुदाय से समर्थन जुटाने के लिए “एक भारत श्रेष्ठ भारत” अभियान चला रही है।
- सांस्कृतिक कार्यक्रमों के जरिए बिहारी गौरव और पहचान को मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है।
निष्कर्ष
बीजेपी का ‘स्नेह मिलन’ अभियान न केवल एक सांस्कृतिक पहल है, बल्कि यह आगामी विधानसभा चुनावों के लिए एक मजबूत राजनीतिक रणनीति भी है। यह कार्यक्रम बिहारी संस्कृति और प्रवासी समुदाय से जुड़ाव बढ़ाने के साथ-साथ एनडीए सरकार की उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाने का माध्यम बनेगा।