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आईएएस राधिका गुप्ता: एक प्रेरणादायक सफलता की कहानी
राधिका गुप्ता मध्य प्रदेश के अलीराजपुर जिले से हैं, जो देश का सबसे कम साक्षरता दर वाला जिला है। उन्होंने एसजीएसआईटीएस इंदौर से मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की और बाद में दिल्ली की एक कॉर्पोरेट कंपनी में नौकरी की। हालांकि, उनका सपना आईएएस अधिकारी बनना था, जिसे उन्होंने अपनी मेहनत और लगन से पूरा किया।
राधिका गुप्ता की सफलता की कहानी
- प्रारंभिक जीवन और शिक्षा:
- राधिका गुप्ता मध्य प्रदेश के अलीराजपुर जिले की रहने वाली हैं।
- उन्होंने एसजीएसआईटीएस इंदौर से मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की।
- बाद में दिल्ली में एक कॉर्पोरेट कंपनी में नौकरी की।
- यूपीएससी की तैयारी:
- उन्हें दिल्ली के राजेन्द्र नगर के कोचिंग सिस्टम के बारे में पता चला, लेकिन उन्होंने इंदौर में ही सेल्फ स्टडी करना पसंद किया।
- रोजाना 9-10 घंटे पढ़ाई की और सोशल मीडिया से दूरी बनाई।
- टेबल टेनिस खेलना उनका शौक था, जिसे उन्होंने जारी रखा।
- पहला प्रयास:
- पहले प्रयास में यूपीएससी परीक्षा पास की, लेकिन रैंक पीछे होने के कारण उन्हें इंडियन रेलवे सर्विसेज मिली।
- आईएएस बनने का सपना पूरा करने के लिए उन्होंने नौकरी के साथ ही तैयारी जारी रखी।
- दूसरा प्रयास:
- 2020 में दूसरी बार परीक्षा दी और ऑल इंडिया 18वीं रैंक हासिल की।
- उन्होंने मानवशास्त्र (Anthropology) को अपना ऑप्शनल सब्जेक्ट चुना था।
सफलता के मंत्र
- धैर्य और संयम: यूपीएससी परीक्षा ने उन्हें धैर्य और संयम का महत्व सिखाया।
- शिक्षा का महत्व: अलीराजपुर जैसे कम साक्षरता वाले जिले में रहकर उन्हें शिक्षा के महत्व का एहसास हुआ।
- सेल्फ स्टडी: बिना कोचिंग के सेल्फ स्टडी से उन्होंने अपना लक्ष्य हासिल किया।
FAQs
1. राधिका गुप्ता कहां से हैं?
राधिका गुप्ता मध्य प्रदेश के अलीराजपुर जिले से हैं।
2. उन्होंने कौन सा ऑप्शनल सब्जेक्ट चुना था?
उन्होंने मानवशास्त्र (Anthropology) को अपना ऑप्शनल सब्जेक्ट चुना था।
3. राधिका गुप्ता ने कितनी रैंक हासिल की?
उन्होंने 2020 की यूपीएससी परीक्षा में ऑल इंडिया 18वीं रैंक हासिल की।